Sanskrit & Hindi

उल्लेखनीय संस्कृत पांडुलिपियों मे से, प्रबोघ चक्रवर्ती का व्याकरण पर कार्य का उल्लेख कर सकते है, यह बैजनाथ देव चौहान वंशी द्वारा लिखति है और गिरघारी लाल मिश्रा द्वारा लिपिक है! श्री श्रीपति भठ्ठा द्वारा लिखति ज्योतिष रत्नमाला पर एक महत्वपूर्ण लेकिन अघूरी टिप्पणी हैं! नटराजन दीपमिशादा शीर्षक से एक दिलचस्प कार्य है! नज़र (दृषिट) को तेज करने के लिए कुछ मन्त्र भी शमिल है 'महिमा स्टेचर्स एक बहुत प्रसिद्व कार्य है, टीकाकार मघुसूदन सरस्वती के साथ पुष्पा दत्ता द्वारा साथ में टिप्पणी संकलित हैं!

रज़ा लाइबेरी संग्रह का एक और घ्यान आकर्षित करने वाला पहलू है, फारसी लिपि में लिखी हज़ारो हिन्दी पांडुलिपियां रखी है! मलिक महाजन की मघुमती की पुरी किताब हाल ही में पुस्तकालय द्वारा प्रकाशित साथ ही संरक्षित भी की गयी है अलावा मलिक मुहम्मद जायसी की 'पदमावत फारसी अनुवाद के साथ पुस्तकालय के संग्रह में एक महत्वपूर्ण कार्य है!

पुस्तकालय की एक परियोजना के तहत प्रख्यात हिन्दी कवि गुलाम नवी रसलिन बिलगिरामी (1741ई.) द्वारा 'अंग दर्पण और 'रास प्रबोघ सम्पादित और अनुवादित है! पुस्तकालय ने 'नदिरात ए शाही और हिन्दुस्तानी संगीत के शाह मुहम्मद काजि़म का 'नग़्खमातुल असरार और मुग़्खाल वंश के शाह आलिम द्वितीय की हिन्दी कविताओं का संग्रह 'नदिरात-ए-शाही प्रकाशित किया!

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

   
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